The Lunch Box
हर इंसान के भीतर एक अधूरी कहानी छुपी होती है। कुछ शब्दों में, कुछ खामोशियों में। यह कहानी-संग्रह छह अलग-अलग किरदारों की ज़िंदगियों को छूता है — जो अलग-अलग शहरों, हालातों और भावनाओं से जूझ रहे हैं, लेकिन एक बात उनमें समान है: ख़्वाब। पहली कहानी एक ऐसे लड़के की है, जो अपने गांव से मुंबई आया है — सपनों का पीछा करते हुए। लेकिन उसकी दुनिया उस दिन बदल जाती है, जब वह एक छोटे बच्चे से मिलता है — जिसकी आँखें, आदतें और लंचबॉक्स सब कुछ उसे किसी भूली-बिसरी मोहब्बत की याद दिलाते हैं। पर जब उसे उस बच्चे की माँ के बारे में पता चलता है, तो उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई सामने आती है — एक ऐसा राज़, जो वक़्त और जुदाई से भी छुपा नहीं रह सका। यह किताब सिर्फ कहानियाँ नहीं सुनाती — यह रिश्तों के धागों को, अधूरी मोहब्बतों को, टूटी उम्मीदों को और इंसानी जज़्बातों को एक सूत्र में पिरोती है। हर कहानी एक सवाल छोड़ती है, एक दरवाज़ा खोलती है, जो आपके अपने भीतर कहीं जाता है। अगर आपने कभी किसी को खोया है, किसी के लिए लड़ा है, या किसी सपने को आखिरी सांस तक थामे रखा है — तो यह किताब आपके लिए है।


